अर्थव्यवस्था खुलने के बाद ग्रामीण नौकरियों को मिल रहा है बढ़ावा, शहरो से बेहतर बन रहे गाँव

अर्थव्यवस्था खुलने के बाद ग्रामीण नौकरियों को मिल रहा है बढ़ावा, शहरो से बेहतर बन रहे गाँव

इस साल आने वाले मानसून ने ग्रामीण इलाकों में रोजगार को अधिक बढ़ावा दिया है. जिसने हजारों प्रवासी मजदूरों को काम देने का काम किया है. इसके साथ ही बाहर काम करने वाले लोग ग्रामीण इलाकों में कृषि ग्रामीण नौकरियों को करने लगे हैं. वही ऐसा पहली बार हुआ है कि लोगों को शहर की अपेक्षा गांव ज्यादा पसंद आए हैं. वही ग्रामीण इलाकों में अब इंटरनेट की खपत भी शहरों की अपेक्षा ज्यादा होने लगी है. 

सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनामी द्वारा जारी की गई रिपोर्ट के अनुसार ग्रामीण बेरोजगारी लगातार गिरती जा रही है. जो 21 जून को 10.96 प्रतिशत थी. वही 25 मार्च से पहले अगर ग्रामीण नौकरियों की तुलना की जाए तो उस समय हानि दर अपनी चरम सीमा पर थी. 

शहरो से ग्रामीण इलाकों में आए प्रवासी कामगारों के लिए वहां पर रोजगार की बेरोकटोक आशंका पैदा की गई थी. वही वह समय धान रोपण का मौसम का था जिसकी वजह से गांव में मौसमी नौकरी के रास्ते पूरी तरह से खुल गए. जिसका फायदा शहर से आए प्रवासी कामगारों को मिला. 

भारत के गांवों में कोरोनावायरस का खतरा शून्य ही नजर आता है. जिसकी वजह से गांव में जीवन और ज्यादा आसान और आत्मनिर्भर बन गया है.वही शहरों में कोरोनावायरस लगातार बना हुआ है. जिसकी वजह से वहां पर रोजगार की भी कमी चल रही है. वहीं केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा रोजगार गारंटी योजना और प्रवासी मजदूरों को नई नौकरी देने की योजना में अतिरिक्त खर्च करने से भी मदद मिली है. जिसकी वजह से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की दर में तेजी देखी जा सकती है.

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