80 से ज्यादा बच्चों का पिता था भारत का ये राजा रोल्स रॉयस से ढोता था कचरा

80 से ज्यादा बच्चों का पिता था भारत का ये राजा रोल्स रॉयस से ढोता था कचरा

भारत के आजाद होने से पहले हमारे देश में कई छोटी-बड़ी रियासतें हुआ करती थी। इन्हीं में से पटियाला राजघराना भी एक था पटियाला राजघराना देश के सबसे धनी रियासतों में से एक था। यहां के महाराजा भूपिंदर सिंह उस समय देश के ऐसे पहले शख्स थे जिनके पास अपना प्राइवेट प्लेन था। भूपिंदर सिंह की लाइफ स्टाइल को देखकर अंग्रेज भी हैरान रहते थे। जिस समय वह भी देश में जाया करते थे उस समय वह पूरा का पूरा होटल किराए पर ले लिया करते थे।  उस समय भूपिंदर सिंह के पास 44 रॉयल्स रॉयल कार थी।  जिनमें से 20 कारों का इस्तेमाल हुआ है अपने आने जाने के लिए क्या करते थे।

80 से ज्यादा बच्चों का पिता था भारत का ये राजा रोल्स रॉयस से ढोता था कचरा

पटियाला के महाराजा भूपिंदर सिंह के नाम ऐसे गई मशहूर किस्से थे जिनकी वजह से वह पूरी दुनिया में मशहूर थे। इसके साथ ही उस समय वह भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड का खर्चा भी खुद उठाते थे।  वहीं विदेशों में भारतीय टीम का खर्चा भी वही उठाते थे जिसके एवज में उन्हें टीम का कप्तान भी बनाया जाता था। 

10 रानियां और 80 से ज्यादा बच्चे

दीवान जरमनी दास ने अपनी किताब ‘महाराजा’ में पटियाला के महाराजा भूपिंदर सिंह के बारे में विस्तार से लिखा है। जिसमें उन्होंने उनकी 10 रानियों और 88 वैद्य संतानों का जिक्र किया है।  कहा जाता है कि उस समय महाराजा भूपिंदर सिंह से हिटलर इतने ज्यादा प्रभावित हुए थे कि उन्होंने अपनी मेबैक कार राजा को तोहफे में दे दी थी। हिटलर और भूपेंद्र सिंह की दोस्ती काफी लंबे समय तक रही। 

इसके साथ ही उस समय कहा जाता है कि महाराजा भूपिंदर सिंह ने किसी कंपनी से नाराज होकर रोल्स रॉयस कार में कचरा धोना शुरू कर दिया था। इससे ही व्यस्त अपने इलाके की सफाई करवाते थे। वही वह उस समय ठाट की जिंदगी जिया करते थे।  हम आपकी जानकारी के लिए बता दें कि बीसीसीआई का गठन महाराजा भूपिंदर सिंह की वजह से ही हुआ है। वही मुंबई के ब्रेबोर्न स्टेडियम का हिस्सा भी महाराजा के योगदान से ही बना है। 

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