रोहिणी व्रत: जैन समाज के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है यह खास व्रत, होती है धन की वर्षा

रोहिणी व्रत: जैन समाज के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है यह खास व्रत, होती है धन की वर्षा

जैन समाज में रोहिणी व्रत का विशेष अपना अलग महत्व होता है। इस साल रोहिणी व्रत मंगलवार के दिन 4 फरवरी को पड़ा है। जैन समाज के धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस समुदाय में कुल मिलाकर 27 नक्षत्र होते हैं जिनमें से एक नक्षत्र रोहिणी होता है इसलिए इस व्रत का नाम रोहिणी व्रत पड़ा है।

रोहिणी व्रत का महत्व-

जैन समुदाय की मान्यताओं के अनुसार इस व्रत से महिलाएं अपने पति की लंबी आयु की अर्चना करती है। इसके साथ ही इस व्रत को रखने से मां रोहिणी जातक के घर से कंगाली को दूर भगाकर उसमें सुख समृद्धि के वास कराती है। इस दिन जैन समाज के लोग को पूजा करनी होती है। जिसमें वह अपने द्वारा की गई सभी गलतियों की माफी मांगते हैं और उनके सभी तरह के कष्टों से मुक्ति हो जाती है।

इस व्रत के दौरान पूरे दिन भूखे रहने की परंपरा है। जैन समाज के सभी नक्षत्र सबसे ज्यादा प्रबल होता है। यह दिन साल मे 27 बार आता है। जो हर 27 दिनों के बाद आता है।

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