₹4000 करोड़ का था पोंजी घोटाला, आरोपी आईएएस विजय शंकर ने की आत्महत्या

पोंजी घोटाला: आईएएस अधिकारी विजय शंकर ने मंगलवार रात को खुदकुशी कर ली. विजय शंकर आईएमए (आई मोनेटरी एडवाइजरी) पोंजी स्कीम के मुख्य आरोपी थे. वह इस समय निलंबित चल रहे थे. विजय शंकर का शव इनके घर पर मिला. आईएएस विजय शंकर पर एसआईटी ने पिछले साल रिश्वत लेने की वजह से आरोप लगाया था जिसके बाद इन्हें गिरफ्तार किया गया था. वही कुछ दिनों बाद विजय शंकर को कोर्ट से बेल मिल गई थी. लेकिन इसके बावजूद भी वह निलंबित चल रहे थे. 

विजय शंकर के निलंबित होने के बाद यह केस भाजपा सरकार ने सीबीआई को दे दिया था. वही हाल ही में सीबीआई ने इस मामले विजय शंकर के अलावा दो अन्य व्यक्तियों पर मुकदमा करने के लिए राज्य सरकार से परमिशन मांगी थी. इस मामले में विजय शंकर के अलावा दो वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल थे जिनके बारे में सीबीआई ने राज्य सरकार से अनुमति मांगी थी. 

क्या था आई मॉनेटरी एडवाइजरी पोंजी घोटाला

साल 2006 में पोंजी घोटाले के मुख्य आरोपी मंसूरी खान ने इस कंपनी को खोला था. यह कंपनी कर्नाटक के कई जिलों में अपना संचालन कर रही थी. जहां पर वह निवेश करने के नाम पर लोगों के साथ धोखाधड़ी कर रही थी. यह कंपनी निवेश के नाम पर 17 से 25% ब्याज देने का वादा कर रही थी लेकिन जब रिटर्न देने का समय आया तो पिछले साल मंसूर खान दुबई भागने के फिराक में था इतने समय में इस कम्पनी ने 4000 करोड़ से ज्यादा का पैसा इकठ्ठा कर लिया था. जिसे पिछले ही साल मुंबई के एअरपोर्ट पर मुंबई पुलिस ने धरदबोचा था. 

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