मोदी सरकार बढ़ाएगी ऑफिस में काम करने के घंटे, बदलेगी रिटायरमेंट और पीएफ के नियम- जाने!

मोदी सरकार बढ़ाएगी ऑफिस में काम करने के घंटे, बदलेगी रिटायरमेंट और पीएफ के नियम- जाने!

आने वाले साल तक कर्मचारियों को भविष्य निधि पीएफ की बढ़ोतरी में मदद मिलेगी। वही हाथ में आने वाले पैसे पर रोक लगेगी किससे कंपनियों की बैलेंस शीट तो प्रभावित होगी। वहीं छोटे मजदूरों पर भी फर्क पड़ सकता है। जबकि मजदूरों द्वारा किए गए काम पर उन्हें अच्छी खासी इनकम भी होगी। जिससे मजदूरों के घर बनने से लेकर बुढ़ापे का सहारा बनने में भी मदद मिलेगी। 

मजदूरी की नई परिभाषा के अनुसार कर्मचारियो की कुल सैलरी के अधिकतम 50% तक होगा। इसका मतलब है कि मूल वेतन अप्रैल से कुल वेतन का 50% वेज दिया उससे अधिक होना चाहिए ऐसा पहली बार हो रहा है कि पिछले 73 सालों में श्रम कानून में इतना बड़ा बदलाव किया जा रहा है। इसके साथ ही यह बदलाव श्रमिकों के लिए बेहद ही ज्यादा फायदेमंद होने वाला है। 

वेतन घटेगा या पीएफ़ बढ़ेगा

नए नियम के अनुसार मूल वेतन का कुल वेतन 50% या उससे अधिक होना जरूरी होगा इसके साथ ही अधिकतर कर्मचारियों का वेतन कुछ शर्तों के हिसाब से बदलेगा। क्योंकि उनका वेतन मिलने वाले भत्ते वाला हिस्सा आमतौर पर कुल सैलरी के 50 फ़ीसदी से भी कम होता है। मूल वेतन बढ़ने से उसका पीएफ भी बढ़ेगा वहीं पीएफ मूल वेतन पर आधारित होगा। इसके साथ ही हाथों में आने वाली सैलरी पर फर्क पड़ेगा क्योंकि इसका सीधा इतना पीएफ में कटेगा।

बुढ़ापे में मिलेगा बड़ा फायदा

पीएफ में योगदान बढ़ने की वजह से रिटायरमेंट के समय बुढ़ापे में मिलने वाले पैसे में काफी बड़ा इजाफा होगा। जिससे वह व्यक्ति बेहद ही आसान तरीके से सुखद जीवन जी सकता है। इससे सबसे ज्यादा फर्क कंपनियों पर पड़ेगा क्योंकि इसके लिए उन्हें अपनी बैलेंस शीट बदलनी होगी इससे कुछ हद तक बैलेंस शीट बिगड़ जाएगी लेकिन इससे कंपनियों को होने वाले फायदे पर भी सरकार अपना योगदान दे रही है। 

बढ़ सकते हैं काम करने के घंटे

नए नियम कानून के अनुसार कामकाज के अधिकतर घंटों को 12 घंटे करने का प्रस्ताव पेश किया जा सकता है।  इसके साथ ही इस प्रस्ताव से श्रमिकों की आय बढ़ने की भी गारंटी मिलेगी। इसका सबसे ज्यादा फर्क गरीबों की आमदनी पर पड़ेगा क्योंकि उनकी आमदनी पहले से 33% और ज्यादा हो जाएगी। वही इस नियम को गरीब श्रमिकों व कर्मचारियों को देखते हुए लागू किया जा रहा है। वही 5 घंटे काम करने वाले कामों पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है। जिसे बढ़ाकर 8 घंटे किया जा सकता है वही इन घंटों में विश्राम करने का नियम भी शामिल है। जिसमें आधे घंटे से लेकर 1 घंटे तक का विश्राम दिया जाएगा। 

Solar eclipse 2020: जाने भारत मे सूर्य ग्रहण का समय व स्थान, क्या होता है इसका महत्व

Solar Eclipse 2020: इस दिन दिखाई देगा सूर्य ग्रहण, जाने क्या करे व क्या न करे?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *