Kargil Vijay Diwas 2020: हिंदुस्तान के इस बहादुर से डरता था पाकिस्तान, खौफ की वजह से नाम दिया था ‘चुड़ैल’

भारतीय सेना द्वारा किए गए हथियार प्रयोग के बारे में नहीं जानते होगे आप, पाकिस्तानी सेना में बैठ गया था खौफ़

Kargil Vijay Diwas: साल 1999 में हुई कारगिल के युद्ध को इस समय 21 साल हो चुके हैं. इसी दिन भारतीय सैनिकों ने कारगिल के युद्ध में विजय हासिल की थी. जिसके बाद वहां पर झंडा लहराया गया था. लेकिन कारगिल के युद्ध के दौरान ऊंची चोटी पर बैठे पाकिस्तान के सैनिकों को यह बिल्कुल भी अंदेशा नहीं था कि ऊपर से भी उनके ऊपर हमला हो सकता है. जिसके बाद हिंदुस्तान की वायु सेना ने mig-27 लड़ाकू विमान से हमला कर दिया. जिसके बाद पाकिस्तानी सेना वहां से नेस्तनाबूद हो गई और उसके पैर उखड़ गए उस समय mig-27 को भारतीय वायु सेना ने बहादुर का नाम दिया था.

Mig-27 यानी कि बहादुर की रफ्तार हवा में 1700 किलोमीटर प्रति घंटे की थी. जो अचूक हमला करने में सक्षम था. वही इस विमान को रूस में बनाया गया था. कारगिल के युद्ध में अपना दम दिखाने के लिए इस विमान का नाम बहादुर दिया गया था. पाकिस्तान सेना को बहादुर का खौफ इतना ज्यादा छा गया था कि उन्होंने इसका नाम ‘चुड़ैल’ रख दिया था.

जिस समय बहादुर जमीन से आसमान की ओर उड़ान भरता था उस समय कोई भी रडार बहादुर को पहचान नहीं पाती थी. वही बहादुर की आवाज दुश्मनों के दिलों में खौफ पैदा कर देती थी. इस लड़ाकू विमान ने भारतीय वायु सेना में 38 साल से भी ज्यादा का सफर तय किया है जिसमें कई बड़े उतार-चढ़ाव नजर आए हैं. बहादुर ने 1999 में कारगिल के युद्ध में पूरी तरह से सटीक निशाना साधते हुए पाकिस्तानी सेना के परखच्चे उड़ा दिए थे.

1700 किलोमीटर प्रति घंटे की उड़ान भरने वाला बहादुर जमीन से 4000 किलोग्राम के विस्फोटक ले जाने में सक्षम था. इसी वजह से भारतीय वायु सेना इस लड़ाकू विमान को बहुत ज्यादा पसंद करती थी. वही आज भी भारतीय वायुसेना इस विमान की तारीफ करते नहीं थकती है.

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