Dhanteras 2020: इस बड़ी वजह से भारत मे मनाया जाता है धनतेरस, जाने इससे जुड़ी कहानी

धनतेरस के दिन जलाएं दीपक, खत्म हो जाएगा अकाल मृत्यु का डर

Dhanteras 2020: दिवाली का त्यौहार 5 दिनो तक चलता है जिसकी शुरुआत धनतेरस से होती है। कार्तिक मास की त्रियोदशी दिन को धनतेरस के रूप मे मनाया जाता है। इसके बाद चौदस और फिर दिवाली का त्यौहार मनाया जाता है। इसके साथ ही इस दिन के बाद बाकि त्यौहारो की शुरुआत होती है। चलिये आज हम आपको बताते हैकि धनतेरस का त्यौहार क्यों मनाया जाता है।

Dhanteras 2020 की कहानी

कथाओं के अनुसार पूर्व काल में देवराज इंद्र के गलत व्यवहार स्वरूप महर्षि दुर्वाषा ने तीनों लोको को श्राप दे दिया था। जिसके बाद अष्टलक्ष्मी अपने लोक चली गई थी।  जिसके बाद तीनों लोकों में श्रीहीं की स्थापना से व्याकुल देवता त्रिदेव के पास गए और इस संकट से उभरने का उपाय पूछा तो महादेव ने देवों को समुद्र मंथन करने का सुझाव दिया जिससे देवताओं और दैत्यों ने सहर्ष स्वीकार कर लिया। 

 समुंद्र मंथन के दौरान मंदराचल पर्वत को को मथानी और नागों की राजा वासुकी को मथानी के लिए रस्सी बनाया गया जिसके बाद नाग के मुख की और दैत्य और पूछ की ओर देवता थे।  जिसके बाद समुद्र मंथन शुरू हुआ समुंद्र मंथन करने के बाद 14 प्रमुख रत्नो का जन्म हुआ जिनमें 14वे रत्न के रूप में स्वयं भगवान धन्वंतरी प्रकट हुए जो अपने हाथ में अमृत कलश लिए हुए थे।  इसके बाद भगवान विष्णु ने उन्हें देवताओं का वैध और वनस्पतियों और औषधियों का स्वामी नियुक्त कर दिया था।  इन्हीं की वजह से वनस्पतियों में शक्तियों का प्रभाव बना रहता है।  इसी वजह से धनतेरस के दिन भगवान धन्वंतरि की पूजा की जाती है इस दिन सभी लोग भगवान धन्वंतरी से अच्छे स्वास्थ्य की मनोकामना करते हैं। 

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