Bakrid 2020: इस बड़ी वजह से दी जाती है बकरे की कुर्बानी, जाने इस पर्व का महत्व

Bakrid 2020: इस्लाम धर्म में बकरीद का त्यौहार सबसे प्रमुख त्योहारों में से एक माना जाता है। यह त्योहार मीठी ईद के 2 महीने बाद आता है। जिसकी वजह से इस्लाम धर्म के लोग इस त्यौहार को एक बड़ी ही रौनक से बनाते हैं। इसके साथ ही इस दिन ईद की नमाज अदा करने के बाद बकरे की कुर्बानी दी जाती है। बकरे की कुर्बानी देने के बाद उसके गोस्त के तीन हिस्से किए जाते हैं। जिसमें एक हिस्सा गरीब को दिया जाता है और एक हिस्सा रिश्तेदारों को दिया जाता है बाकी एक हिस्सा अपने लिए रखा जाता है। लेकिन क्या आपको पता है कि इस दिन अपनी सबसे प्यारी चीज की कुर्बानी देने की बजाय बकरे की कुर्बानी क्यों दी जाती है ? आज किसी के पीछे की वजह हम आप लोगों को बताने जा रहे हैं…

इब्राहिम ने किया था अल्लाह के हुक्म का पालन

हजरत इब्राहिम को इस्लाम धर्म के अनुसार खुदा का पैगंबर बताया गया है। इब्राहिम पूरी जिंदगी लोगों की मदद करने में लगे रहे। जिसकी वजह से इनके 90 साल तक की उम्र में कोई संतान पैदा नहीं हुई। इसके बाद खुदा की इबादत करने के बाद इब्राहिम के एक खूबसूरत चांद सा बेटा इस्माइल हुआ। इब्राहिम का बेटा इस्माइल उनकी सबसे प्यारी चीज है। जिसे वह खूब प्यार करते थे। लेकिन कुछ समय बाद इस्माइल के स्वपन में आया कि अल्लाह उन्हें उनकी सबसे प्यारी चीज को कुर्बान करने के लिए कह रहे हैं। इसके बाद इस्माइल ने अपने सभी प्रिय जानवरों की कुर्बानी दे दी थी।

बेटे इस्माइल को कर दिया था कुर्बान

एक समय बाद फिर से इब्राहिम के स्वपन में आया के खुदा उनकी सबसे प्यारी चीज को कुर्बान करने का हुक्म दे रहे है। जिसके बाद इब्राहिम ने अपने बेटे को कुर्बान करने का फैसला किया। लेकिन कुर्बानी देने से पहले अपने बेटे को उनके द्वारा कुर्बान करते देखा नहीं गया। जिसके बाद उन्होंने आंख पर पट्टी बांध ली। और तलवार उठा कर बेटे को कुर्बान कर दिया। जब इब्राहिम ने अपनी आंखों से पट्टी हटाई तो देखा कि उनका बेटा दूसरी और खेल रहा है। जबकि उनके बेटे की जगह एक बकरी की कुर्बानी दी गई है

इसके बाद से ही बकरीद की परंपरा चली आ रही है इस दिन से ही बकरे को अपनी सबसे प्यारी चीज के रूप में कुर्बान किया जाता है। चाहे वह किसी बकरे को पाले या ना पाले अगर कोई मुसलमान बकरे को नहीं पालता है तो उसे कुछ दिन पहले बकरे को बकरी ईद से पहले घर पर लाया जाता है। जिससे उनका लगाव उस बकरे से हो जाए। जिसके बाद उस बकरे की कुर्बानी दी जाती है।

Bakrid 2020: जाने ईद क्यों मनाई जाती है बकरीद, जाने इसका पूरा इतिहास

Eid-ul-Adha 2020: इस बड़ी वजह से मनाया जाता है बकरीद का त्यौहार, जाने !

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *