ईद उल-फितर के दिन गरीबों के लिए निकाली जाती है खास जकात, जानिए

गरीबों के लिए

देशभर में ईद उल-फितर का त्योहार बड़ी ही धूमधाम से मनाया जाता है. लेकिन एक बार कोरोना वायरस के चलते लॉकडाउन में सभी अपने घरों में ही इस पर्व को मनाएंगे. ईद उल-फितर यानी मीठी ईद के करीब ढाई महीने बाद यानि 70 दिन बाद बकरा ईद का त्योहार मनाया जाएगा. तो आइए जानते हैं ईद उल फितर के दिन गरीबों के लिए क्यों निकाली जाती है जकात के बारे में विस्तार से.

ईद उल-फितर के दिन गरीबों के लिए निकाली जाती है खास जकात, जाने

रोजेदार ईद के दिन अल्लाह का शुक्रिया अदा करते हैं, कि गर्मियों में उन्होंने रोजा रखने की शक्ति दी. ईद के दिन हर मुसलमान का फर्ज होता है कि वह जकात निकाले. जकात एक खास रकम होती है. जिसमें गरीबों और जरूरतमंदों की मदद की जाती है. इसी दान को जकात उल-फितर भी कहते हैं.

इसके साथ ही आपको बता दें कि मुस्लिम धर्म मे जकात निकालना एक अहम हिस्सा है. जिसमें मुस्लिम धर्म के समुदाय के लोग अपनी कमाई का कुछ हिस्सा निकालकर अलग रख देते हैं. जो ईद के अवसर पर गरीब असहाय लोगों को दिया जाता है. जिससे उनकी मदद की जा सके. ऐसा करके उन्हें बेहद खुशी और बहुत सी पुण्य प्राप्त होते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *